Bhajan – Text

 पहेंजे भक्तिअ जे रंग में रचायो, मूंखे माया चकर खां बचायो

 

1. जहें माया जी वीर चढे थी, सारी सृष्टी बांदर जां नचे थी,

मूंखे नाथ न तहें में नचायो………………

2. माया खिन खिन में वारा करेथी,

रूगो नाले तुहींजे खां रे थी बियो हीलो आ उन लाए अजायो …….

3. मूंखे सबको थो जणे सुञाणे, आयां विकियल दर त फलाणे,

साईं नालो न पहेंजो लजयो …………..

4. मुहींजी तो दर ते तोबां आ ज़ारी,

करे लेखो न पुजंदो हज़ारी, कर्यो महेर सां जन्म सजायो…………..

 

आहे अजु जी घड़ी सभागी , मुहींजी सुमियल सुरति पई जागी

1. परम पुरूष मूंखे सतगुरू मिल्यो दीन दुनिया जो वाली ,

सिर तां लाहे पाप जा बोजा कयाउं गमनि खां खाली,

मुहींजी लिंव त मालिक सां लागी………..

2. परउपकारी पुरूष जा थोरा कहेड़े मुख सां लायां,

आहे त बियो कुछ कीन की मूं वटि तन मन भेट चड़ायां,

णां पाण खे थो वभागी…………..

3. नकी करायउं जपि तपि पूजा नकी पड़ायउं पाठ,

हसंदे खिलंदे सुरति राणीअ सां कयाउं सुगिन ऐं साठ,

थी जै जै शब्द सुहावी……………..

4. नकी कढायउं उञुं भुखूं ऐं नकी रहायउं बन में,

खाईंदे पीअंदे ऐं पहेरींदे नाम वसायउं मन में,

दास रहंदें जग वैरागी………………….

  निंढ ना कर तूं निमाणी, उथु जाग मुसाफिर जानी , मथां वेलड़ी विहाणी ,

1. औखा पंध पहाड़ जा, समरि खणिजहें साणी …………………………….

2. बिनि दरियाहनि विच में , बेड़ी वहे पुराणी ………………………………

3. हितां हलंदीअं हेकली , तोखे अन्न न मिलंदए पाणी …………………….

4. सरतियूं शाहु लतीफ चवे , साईं थींदमु साणी …………………………….

 

 आज मोरे घर संत पधार्या , संत पधार्या भली करे आया

 

1. साहेब नाम गरीब है भाई , जैसे लंबी है खजूर

चढ़े तो पीवे भाई राम रस , गिरे तो चकनाचूर …………………………

2. रोम रोम में सतगुर वसंदा , संतनि मांहि लखाया रे ……………………

3. गुलाम अलीअ गुर ज्ञान बताया , रोहल सतगुर आया रे ………………….

4. रोहल सतगुर कृपा कीनी , जन्म न मोहे बताया रे ………………………

 

 प्रभ जी मैं शरण तुम्हारी आया , मन में जो ममता रही न काई ,

चित में जो चिंता रही न काई, दर्द मिटिया सुख पाया राम

 

1. ज्ञान सूरज घट भीतर ऊगिया , अखंड जोति रंग लागा राम

जहें कारण जग फिरत उदासा , सो घट भीतर पाया राम …………………..

2. काम क्रोध का दंग नहीं लागे, व्यापे न मोहिणी माया राम

काया कलेश लेश नहीं लागा, सुन में शहर वसाया राम ………………………..

3. जन्म मरण दा संसा छूटा , चेतन से चित लागा राम

पारस से जब पर्चा पाया , लाला अमर भई काया राम ………………………….

4. अगम भेद अनहद का मार्ग , सतगुर मोहे बताया राम

            रोहल रतन अमोलक लाधा , भाग प्रालब पाया राम …

 

वारी वारी जीओ मोरा रमता जोगी दिल का भेद न कहेणा,

गगन मंडल में बुढड़ा जोगी बालक होएके रहना

1. गगन मंडल में बुढड़ा जोगी बालक होएके रहना ,

जिस बूंद से रतन जो उपजे, सो पर घर क्यों दीना ………………………..

2. गगन मंडल में गउंवां व्याई धरतीअ दही जमाई रे

सब संतन मिल कीआ विलोड़ा , माखन विरले पाया रे ……………………….

3. गगन मंडल में उड़द मुख कूआं उस में नीर घनेरा रे,

सुगरा होए सो भर-भर पीवे नुगुरा जावे प्यासा ………………………………

इश्क जणियां जिनि पाया तिनि वाह सलाम जगाया राम

वाह सलाम जगाया रे मर कर राम रीझाया रे

1. कहां रे गंगा कहां रे यमुना कहां रे काशीअ जाया ,

तुझ में तकिया तुझमें तीर्थ आप में आप समाया रे ……………………..

2. हरकोई अपने ह्र्दे अन्दर पूजा कर फल पाया राम ,

जाप जपियो उस नाम साहेब दा तालिब तिलक लगाया राम……………

3. साधु नाम साके उते कूड क्रोध कमाया राम,

साईं लोक तो उसी नूं कहिए जो जीते ही मर जाया राम ……………..

4. कहे रे माहमद दोनो जग में इश्क अजीब कमाया रे ,

अशिक अफज़ल उसी नूं कहिए इवें आके सुणाया राम ………………….

 

 फकीरानुं साहेब लगंदाप्यारा

 

1. घटहीं में गंगा धटहीं में यमुना , घटहीं में तीर्थ सारा रे ……………………….

2. घटहीं ब्रहमा घटहीं में विष्णुं घटहीं में शिव का द्वारा रे ……………………….

3. घटहीं में चंद्रमा घटहीं में सूरज घटहीं में अण लख तारा रे …………………..

4. घटहीं में हीरा घटहीं में माणिक घटहीं में परखणहारा रे ……………………..

5. तन मन अंदर दर्वेश कलंदर ढूंढ दिठा जग सारा रे ……………………………

 

पीने का मज़ा और है गोकुल में जाके पी , वहां की प्याली और है थोड़ी सी जाके पी

1. पीने का तुझको शौक है दिल अपना साफ कर,मन मोहन की मूर्ति तू दिल में उतारकर

तन मन लुटाके अपना तू सर को झुकाके पी………………………………

2. गोकुल के ग्वालोंने पिया था उसे एक दिन, तो यमुना के किनारे पे रास रचाई थी एक दिन

उस बन्सी वाले श्याम के चरणों में जाके पी…………………………………..

3. देवों का दिया रस है भर भर के जाम पी, महाराजा गोकुल वाले की कीर्ति को गाके पी

किस ख्याल में नन्दु है तू बेहोश होके पी………………………………………..

 

रघुवर चरन धोई तोखे चाड़ियां – ईयें न बेड़ी हकार्यां

1. चरननि जी रज जेका आहे, पत्थर खे थी मनुष बणाए, कहेड़ो भरोसो भायां …….

2. बेड़ी त वेंदी अरशि उदामीं, पेटि किथां मां पाल्यां स्वामी, वेही थो चरन धुआर्यां .

3. बेड़ी त मुहीजी आहे पुराणी गुज़र गरीबी आहे अबाणी वेही थो चरन धुआर्यां …….

4. वठु तूं मुहाणा पहेंजी मज़द्नरी, शेवा कई तो असांजी पूरी तहें में थो पतणि पुजायां

5. भाउ भाउ खां वठंदुसि न नाणो, तूं भी मुहाणो मां भी मुहाणो, पहेंजो थो तोड़ पार्यां

6. रघुवर तारी मुं गंगा तोखे, संसार सागर तारिज मूंखे, नेणें न नरिक निहार्यां …….

औखी कार फकीरां वाली, सूली उते चढ़ि बिहणा है

1. दर दर ते मंग टुकड़ा खांदे, हांजी-हांजी कहणा है……………………………

2. कोई भला कहे कोई बुरा कहे, सो सब सिर ते सहेणा है ……………………..

3. संत रैण यह कार फकीरां , जो जीवत ही मरणा है ………………………………

 

आशिक होना फिर सोना क्या रे , सोना क्या तो बिछौना क्या रे

 

1. जिस अखियनि में नींद घनेरी, तिस अखियनि से सुइना क्या रे……………………

2. जिस नगरीअ में दया धर्म नहीं, उस नगरीअ में रहना क्या रे ……………………..

3. रूखा सूखा भाई नाम का टुकड़ा, अलूणा क्या त सलूणा (तलूणा) क्या रे ………….

4. कहत कबीर सुनो भाई साधो , सीस दिया फिर रोना क्या रे ………………………

 

बोल बधा थमु वर सां वेही कीअं न वञां थियां कूड़ी अला

1. बालापण खां बाली भोली, ज़ात त मुहींजी मुहाणी (निमाणी) अला …………….

2. जुती छिनोही चोलो चिहाटियल , पोती मथे ते पुराणी अला ……………………

3. सरतियूं शाहु लतीफ चवे अला, आयां ऐबनि हाणी अला ………………………..

 

माया का गुलाम लोभी , कैसी जाने बंदगी

 

1. कपट की जो धोती बांधी निंदिया का तिलक दीना,

कूड़ की जो माला फेरयए लाए बैठे बंदगी…………………………….

2. सादन से धूमधाम चोरनि सें करें काम,

हरीफां की दोस्ती गरीबां दी रंजगी …………………………………..

3. कहता है मलूकदास छोड़ दे पराई आस,

एक वार नाम लेवो जाए तेरी गंधगी …………………………………

  आपे सदाईंदा फकीर हो तेनुं लजनहीं आवंदी शर्म नहीं आवंदा

 

1. रात गुजारियए गफिलत में अला, दिहां सदाईदा है पीर ……………………

2. लोकां लेखे अन्न नहीं खावंदा , चोरीअ पीअंदा है खीर …………………….

3. आप पहेरींदे पट पटीहर, औरानूं देंदा है लीड़ ……………………………..

4. अपना बोझ उठा नहीं सकंदा, औरानूं देंदा है धीर …………………………

5. शाह हुसैन फकीर अलह दा नेंणें वहाईंदा है नीर……………………………

 

 हिति नां छिदजि यार भर में बंदीअ खे, पुनल पाण सुञाणि प्यारा,

नंग वे नंग सुञाणु प्यारा- भर में ओ भर में भर में बंदीअ खे,

1. ससुई जो जाई सूरनि में आई विझी जां संदूके समुंढ लोड़ाई ,दुख दिनाउंसि ाज मोलारा …..

2. बंदण दाऊं लोलियूं दिनाऊं पींगे में पाए लोदा दिनाऊं साहु खणी व्यसि साणु मोलारा……

3. जिनि जा वर वञनि से कीअं सुख सुमनि गोड़ा गिलनि तां लड़िकियो लाल वहनि ,

अहेड़ा जत जवान हल्या विया …………………

4. चवे लाल फकीर आयां स्वाली , दर त तुहींजे तां वञां मूर न खाली ,

मुहींजो रखिजि मान मोलारा …….

 

 सिक में ओ सिक में सिक में सिकीअ कीन सिकाएजो  बर में बंदीअ खे कीन भुलाएजो

सुणि स्वाल मुईअ जो हींणो हाल मुईअ जो

1. पहेंजे अखिनि में तोखे विहारियां, तोखां सवाए बियो कहें े न निहारियां

जीअ में जोड़ियएं जाए प्यारा …………………………

2. दिल जी आ दिल में कहें खे दायां, सिक तुहींजी सांवल लोकां लिकाया

लीअड़ो लिकी पाए प्यारा ……………………………..

3. दुनिया भलि रूसे हिकु तूं न रूसि जहें महेबूब मुहींजा मुंहड़ो न मटिजहें

नातो तोड़ि निभाए प्यारा ……………………………..

रमिज़ुन साण गुलाम कयो थव यार असांखे

  1. नस नस में हंयव मेख मुहिबत जी रग रग में त लगाम दिनो थव यार असांखे ..

2. कहें खंयो दीन कहें खंईं दुनिया , इश्क असुल खां इनाम दिनो थव यार असांखे…..

3. नसीरखान खे तलिब मिलण जी, खाएणि पीअणि हराम कयो थव यार असांखे….

सतगुर ओ सतगुर- सतगुर सबाझार् अज़ु अआईं, अज़ु अघाईं दर्शन कराईं

1. हिकु काम बियों क्रोध टियों लोभ भारी, चोथों मोह माया जे आहे मत मारी

पंजों बाहे हसद खां बाबल बचाईं………………………..

2. छहों छिर्कनि खां मूंखे छदाएजि, सतों समुंढ सीर मां बाबल बचाएजि

अठों आग अंदर जी जल्दी बुझाईं……………………….

3. नाओं नंग पहेंजो जाणी निभाहिजि, दहों आयां दोहारी लालण लिकाएजि

यारों मन माधुअ शांति वसाईं………………………….

 मुरली ओ मुरली- मुरली मोहन जी सतगुर लखाई,

काया नगर में वेही मूं वजाई, बिर्ज बदन में वेही मूं वजाई

1. सवें हज़ारें सखियूं सुणनि थियूं , दम दम ध्यान मं पल्टियो पवनि थियूं

विस्रियो जिन वहेंवार रही कल न काई……………………………..

2. बोली जिनि बुधड़ी आयो तिन आराम घुमनि घूंघनि जिअं पाए घट में श्याम

मिलि मोहन सां मिठि कनि से वाई…………………………………

3. विष्णु महेश्वर कृष्ण उचारे , ब्रह्मा बंसीअ सां पढे वेद चारई

देवी देवता शेवा कनि सदाईं………………………………………….

4. टेऊं लोक टेई जपे जगु सभोई , पूरे गुर बिना परख कान पेई

जपे जाप अजाप पाती मूं सफाई ……………………………………..

 

  गुरु नानक जे दरबारखुशियां नित नइयां – नित नइयां बाबा रोज़ नइयां

 

1. कालूअ जे घर जन्म लदाईं , घर घर मंगलाचार खुशियां नित नइयां ……………

2. चएनि कुंढां दी बाबा खलिक जो आई, काबुल जे त कंदार खुशियां नित नईयां….

3. मंजीअ ते बाबा दर्शन दितड़ो, चंवर घुमनि चौदार खुशियां नित नईयां ………..

4. नीला घोडा पाण हस्वारा , गुरू गोबिंद सिंग अवतार खुशियां नित नईयां …….

 

  नाम मिले तो मैं जीवां वाहेगुरू नाम मिले ,

नाम मिले राजा राम मिले (सतनाम मिले /भगवान/गुरूनाम/)

1. तेरा कीता जातो नाहीं मैं नहीं योग कीतोही, वाहेगुरू नाम मिले …………………..

2. अवगुणहारे कोई गुण नाहीं आपे तरस पयोही वाहेगुरू नाम मिले ………………..

3. तरसु पया मैं रहेम तिहोई सतगुर सजण मिलिया वाहेगुरू नाम मिले ……………

4. नानक नाम मिले तां जीवां तन मन थीवे हरिया वाहेगुरू नाम मिले ……………

 

आयो सो हर जी को मीत मिलने साधामो आयो (ब्राह्मण) ,

आयो सो निबलु शरीर मिलने सुधामो आयो

1. फाटा चीड़ वस्तर उलझा – आयो सो निबलु शरीर ………….मिलने सुधामो आयो

2. हथ बधी राणी रूकमणी –  क्या लागे तेरो मीत ……………. मिलने सुधामो आयो

3. बालापण को मीत हमारो – आयो सो निबल शरीर …………. मिलने सुधामो आयो

4. सोना गऊंवा गंगा जल पाणी – चरम धोए रघुवीर ………….. मिलने सुधामो आयो

5. मुठी एक तंदुल लायो – खाएण वेठो रघुवीर    ………………. मिलने सुधामो आयो

6. सोनादास भगत विलासी –  चरन धोए रघुवीर     ………….. मिलने सुधामो आयो

 

 रख सतगुर शरणाई तुहींजे माया जे अगियां तुहींजे माया जे अगियां मुहींजी तोबां आहे ज़ारी …

1. कोई क्यास नथी दारे मूंखे मार्यो थी मारे दया दिल में तूं धारे बुधु मुहींजी नीज़ारी

2. सा त नर्कनि तरफ धिके कढि शाहनि शाह छिके ,हिन नंढिड़े नाथ मथे खपे सेघ में सहाई ..

3. मां त जहेड़ो की तहेड़ो अची शरण आवां पियड़ो दे बुदंदड़ खे बेड़ो निष्कामी उपकारी

4. मां त किरी पवां वर वर दियां कष्ट अवां हर हर दे दास खे तुं आदर सारे जग जो आहीं वाली

मां त बंदो भुलियल आयां मुहींजा दोह न तुं दिसि जांए –

आयो तुहींजे शरण आयां मूंखे सतगुर तूं ढकिजाएं

1. कयमि पाप आयां पापी मूंखे सतगुर दियो माफी –  रहु राम मूंते राज़ी कया कूड़ अथमि काफी

तुहींजो बानो मां बार आयां पहेंजे बाने ते बाझ कजाएं ………………..

2. मूं में ऐब अथई घणा दिसी दोह पहेंजा थो दरां –

पहेंजे रूह अंदर थो रड़ां कीअं सतगुर तोखे वणां-

तुहींजो नंढिड़ो बार आयां पहेंजे बार ते बाझ कजाएं   ………………….

 3. कयमि कीन की कर्म धर्म आयां बंदो बेशर्म –

हिन दासीअ जी लज रखिजाएं मूंखे ढोलण तुं ढकिजाएं

तुहींजो बानो मां बार आयां पहेंजे बार ते बाझ कजाएं …………………..

 जेसीं जीअ में जान रहे तेसीं तन में तार रहे

मुहींजी प्रेम संदी दोरी शल सतगुर पास रहे

1. जाचे दिठी मूं दुनियां आहे मतिलब जी सारी – हीअ बाहेरां उजिली आ पर अंदर जी आ कारी

तुहींजीअ अहेड़ीअ दुनियां सां मुहींजी ठहे यां न ठहे ………………..

2. दिनी आंगुर मूं तोखे हथु तो आ मुहींजो पकिड़ियो –

सिक कान हुई मूं में तुहींजे प्यार खणी जकिड़ियो

दिसी तुहींजी मुहींजी प्रित हीअ दुनिया कान सहे ……………………..

3. दिसी मुहींजे मदायुनि खे मतां मुंहड़ो मूखां मोड़ीं –

दिसी ऐब दासीअ जा साईं मतां दिल जी तार टोड़ीं

कीअं नंढिड़ो हीउ बालक सवाए माता पिता जे रहे ……………………….

 दे टुबी लहु टोल असुली ऐब अंदर दा खोल रे

1. मास मिटीअ जो भुतिलो बणाए तहें में वेठें पाण पदाए-

दे दरीन खां दीदार केर बुदे वरी केर थो बोले……………….

2. पिंञरो पाक पखी परदेही मारे काल कंबनि था सभेई –

मरण मुंढो ही नाहे तुहींजी रमिज़ तोखे पई रोले…………..

3. पहेंजो पाण खे नथो सुञाणी अञां ताण अगे पियो ताणी –

समिजे को सुलतान इहा गुजारत गुझ जी आ बोली…………..

4. धरमूं दार जुदा नाहे जानी ज़ाहे बातनि नूर नुरानी –

इहा सचनि जी आ साख पाण दिठी सें तुरीअ में तोरे………………….

 

अण जाणि रहणि कहेड़े कम जो तो छा समिझि छा समिझियो

1. समझी सुख संसार में जानी – भार खंयए नित गम जो

हक़ त हक़ानीअ खे छदियाए विसारे – पालियए बकिरो चम जो…………………

2. बे इन्साफ इन्साफ न कयड़ुई – कीअं तन मिलियुइ मानुष जो

साफ सफाई कान दिठी तो संग न कयए को सचनि जो ………………………..

3. वेही विचार करे दिसि दिल में – केर तुहींजो तूं कहेंजो

वेसाहु विषयनि में कीन कजाएं वाकुफ थीउ तूं वतन जो ………………………

4. सही सुञाणिजि सोई पाण खे – गलतीअ में मतां गदिजो

लागापा हिन लोक जा लाहे , कढि को ख्याल खुदीअ जो ……………………..

5. प्यालो परमानंद सतगुर खउं वञी वठिजि वहेदत जो

कढी खुवारी चोरासीअ वारी सुरिमो सलिनि सम जो ………………………….

माठ मुलिक में कयो इश्नान – गंगा रे जमुना अट सठ धाम

1. कादे थो ढूंढीं ढोलण साईं – सिक सचीअ मूं जे लिंव लाईं – तां दिसीं दिल में दिलबर जो धाम

2. प्रेम नगर का पानी पीओ शब्द नगारा सुन सुन लीओ- वासो सो जग पद जानहें जुगाण ……

3. ऐश अशरत जुल्फ जवानी राम भजन बिन सब हे फानी – माण बका जी  की अनभए माठ…

4. जीणलाल ही जग सुपिना करता आयो सोई है अपना – बिया त बेगाना माल मकान………..

  दिनीं का माउ सूरनि जी लोदे (पींगे)  में लोली अला

1. रोई भरींदसि रत सां , ईहा चाकनि भरी चोली अला

2. पत्थर भायां पालकी , दुंगर भायां दोली

3. अहेड़ी कान कई हुई , बारोचल बोली अला

4. सरतियूं शाहु लतीफ चवे , मुहींजो सतगुर कंदो सवली अला

 हीअ नका वेल वञण जी केची कौल करे विया

1. थियढ़ो सु सरकार जो , चोरीअ पाण चढी विया ……………………………

2. उथी आधीअ रात जो लाहूती त लदे विया …………………………………..

3. पखा पखनि सामाहां आाणा त अदे विया ………………………………….

4. सरतियूं शाहु लतीफ चवे गूंदर गदु त गदे विया ……………………………..

 

 पोरियत थी पाणी भर्यां जे मूं पोरियत कनि अला

1. सिर बि कयां सेनही – बाहूं देई बनि अला………………………………

2. साहु बि कयां सदिको – मथां आउं सुपिरिनि अला ……………………..

3. थोरे पुजां ना उन जे – जीउ जीआरियो जनि अला ……………………………..

4. अहेड़ा हाल हलनि जे – सादिक से सदिजनि अला  ………………………

 

 जित मुहींजा मारूअड़ा (सांगीअड़ा)

1. मेरी मांदी आहियां – रोयो रोयो पई त रड़ां ……………………………..

2. जले मुहींजो मन – सारियो सारियो पई त सड़ां ……………………………

3. सरतियूं शाहु लतीफ चवे – रातियां दिहां जिन लाए गरां ……………….

पेरें पवंदीसानि चवंदी सानि रही वञिरात भंभोर में

1. उठ त आरीअ जाम जा वागूं वठंदीसानि चवंदीसानि …………………………….

2. चढी त जबल चोट ते सड़ा कंदीसानि चवंदीसानि ………………………………

3. पिञरो पाक रसूल जो चांठ चुमंदीसानि चवंदीसानि ……………………………….

4. सरतियूं शाहु लतीफ चवे लोचे लहंदीसानि चवंदीसानि …………………………..

गम खाईंदें सुख पाईंदें साजन हिन संसार में

1. गम खाएणि मरदान्गी, चित चाईंदें सुख पाईंदें  …………………………………..

2. साहेब जे सरकार जो, भौ भाईंदें सुख पाईंदें ……………………………………..

3. भाणो मञी भगवान जो , जसु गाईंदें सुख पाईंदें ………………………………….

4. कहे टेउं गुर शब्द सां, लिंव लाईंदें सुख पाईंदें ………………………………………

मन मारे हलि हठि हारे हलि सतगुर जे तूं पार दे

1. नेवो दर दातार जो , कंध ढारे हलि हठि हारे हलि ………………………………

2. मालिक बेपरवाहु थई , भउ धारे हलि हठि हारे हलि …………………………..

3. मड़दनि जे त मकान में , सति तारे हलि हठि हारे हलि ………………………..

4. कहे टेउं कति केभि भी, जीउ दारे हलि हठि हारे हलि ………………………….

 

हरि से लागा रहो भाई, तेरी बिगड़ी बात बन जाई रे

1. ध्रूअ को लागी प्रलाद को लागी –  लागी सधना कासाई रे ……………………….

2. राजा भरथरी को ऐसी रे लागी – छोड़ दीया पातशाही रे  ………………………

3. हरू भगत को ऐसी रे लागी – बन गया कृष्ण कन्हाई रे …………………………

 

 जोगी ब्या भी घणा, सामी ब्याभी घणा जीजल (भेनर) मुहींजो लिखियो लाहुतिनि सां

1. पूरब थींदमु पदिरा अला , जिनि जे मुंह में मणियां अला ……………………….

2. सैन हंयाउं सुञ में अला छदे घरडा घणा अला …………………………………..

3. कीन खयाऊं पाण सां अला , तुंबीअ मंझ कणा अला ……………………………

4. सरतियूं शाहु लतीफ चवे अला , अगितऊं शाल वणां अला……………………..

 सीने में शीख हणी माउ ड़ी विरह वसाए विया कापड़ी

1. कहें ईदमु कापडी अला आहे उम्मेंद घणी अला, माउ ड़ी भाल भलाए वया कापड़ी

2. जोगीअ संदीअ ज़ात खे अला , ाढी का रहेत वणी अला, माउ ड़ी सिक सेखारे वया कापड़ी …

3. सामी संबही हलिया अला, हलिया हाम हणी अला , माउ ड़ी सबकु सेखारे वया कापड़ी ……….

4. रोचल रमज़ इन्हीअ में अला कई थउं केच कणी अला, माउ ड़ी पूर पचाए वया कापड़ी …..

दाढी रूअण में राहत आहे – अहेड़ी बी का इबादत नाहे

1. रसु त रूअण जो वठी दिसि राणा गम जा वहाए दिसु तुं घाणा-  छो वेठें साहेब भुलाए…..

2. रोई रड़ी लाहूती बणी विया ब्याई बोड़े गोए खणी विया – छदियउं लागापा सब लाहे……..

3. रोउ तुं सुगिना खिलणि खत्म कर अठई पहेर गम ई गम कर – रखियो फानी दुनिया में छाहे

 

 तूं सखी आहीं सबाझो दर अथमि तुहींजो झल्यो ,

हाक तुहींजीअ खे बुधी मां दूर खां आयां हल्यो

1. मुहित दे मालिक मूंखे मुहींजे मदायुनि खे न दिसु,

ऐब मूं में अण मया सचु सचु अथमि साईं सलियो …………………

2. तूं भर्यो भंडार आहीं खाली झोली भर खणी,

आस हिक तो में रखी मूं आसिरो जग जो पल्यो ……………………

3. तूं हीएं जो ठार आहीं ठार विझु मनठार को

बे सबबि दुनिया जे हिर्सनि में जिगिर आहे जलियो………………………

4. तुहींजे दम सां दिल जे उजिड़ियल बाग में ईंदी बहार

तो नज़र जहें ते कई सो दाएमा फुल्यो फल्यो………………………………

5. तुहींजे चाउंठ ते पियो आयां मन पवेई तरसु को

मां ज़िया मजबूर आयां रूहु जो तोसां रल्यो ……………………………….

जे फकीरी चाहीं थो कर चार गालियूं ही सही –

तिनि परूड़यो राज़ खे जेके विया रहिणी रही

1. फे में आहिनि फाक्या जिन सां फकीरनि दिल रखी –

ला मकानी ला तमउ थी ला में विया लालण लही ……………..तिनि

2. काफ में आहे किनायत पढ़ किनायत जो सबक

कुर्ब रख कायम कलब में पाण में दिसि पो पही……………….. तिनि

3. ये यकीनो याद रख वेसाहु नित वधंधो रहे –

न त फकीरीअ जी इमारत पल अंदर पवंदए ढही ……………………… तिनि

4. रे रियाज़त रोज ऐं राज़ी रज़ा ते रहु सदा –

राग सां रीझाए राणो मन पवई तोसां ठही ……………………. तिनि

5. जेको हिन माना खे समिझे सो अचे मैदान में –

आहे पंधु सूरनि जो रोचल मड़िद वेंदा के कही ………………….तिनि

 सिक में आहिनि फाएदा पर कसु अवलि आएणि खपे

नींह मां थींदा नफा नुक्सान सहेसाएणि खपे

1. सिक खे फेरींदें त कसि ठहे कसि मां थी सिक ठहे –

सिक जे सौदागर खे कस खां कीन घबिराएणि खपे …………………नींह

2. रीत पेकाणी छदे हलि साहुराणीअ रीत ते –

हलि पतिअ जे हाल मुजिबि राउ रीझाएणि खपे ……………………..नींह

3. पंध पेरनि जा विसारे हलि हींए सां होत दे –

जेका नाहे हेर उन ते पाण हेराएणि खपे ………………………नींह

4. सतगुरनि खे पाण सौंपे छदि त चिंता खां छुटीं –

पोए चड़ंदें कंधि अवलि कदमनि में केराएणि खपे …………………… नींह

5. सूर खे संगी कजे एं दर्द खे दिलबर कजे

वठि लुछण जो लुतिफ रोचल मन खे विंदराएणि खपे ………….. नींह

 

 जा दिठए मुहींजी दींगाई सा मिठा तूं माफ कर –

चाल बद बेहद बुराई सा मिठातूं माफ कर

1. बोल जे तोसां बदमि से बे अज़र मूं सब भगा,

पति न पाड़ी मूं विञाई सा मिठा तूं माफ कर ……………………

2. महेल जा तुहींजे मिलण जी सा घड़ी गफिलत कयमि,

वेल मूं निंढ में विञाई सा मिठा तूं माफ कर ……………………

3. गदि गुज़रियमि गैर सां हाणे पई हथड़ा हणां,

कई मूं बेशक बेहयाई सा मिठा तूं माफ कर …………………..

4. सब उमिरि साबिर चवे कई खता मूं खौफनाक,

जा कयमि तोखां जुदाई सा मिठा तूं माफ कर ……………………

 

हैफु अदियूं मुहिंजे हाल खे – सारी रात गुज़ार्यमि सुते सुते

1. कीन कमायमि चई छा बुदायां – कहेड़ो जवाब दियां मां हिते हुते………………

2. इश्क अकुल जी लगी आ लड़ाई – जंग लगी आहे जिते किथे……………………

3. हरिका हलंदी होत दे – कहेड़ो जवाब  दींदी हिते हुते …………………………..

4. सरतियूं शाहु लतीफ चवे – मूंखे सतगुर मिलंदो जिते किथे …………………..

 

आउ वराए वाग राणा – आउ त परिचउं पाण में

1. मोटी अचु तूं मेंदड़ा – सेज सुञी तोखां सवाए , जीअ में जोरी जागि राणा ………

2. छा हुई मुहींजी खता अला छा दिनए उन जी सज़ा  – कीअं भुली पिया भाग राणा

3. होति जो हिकवार वियो अला सूंह वई सिंगार वियो – मुंझी पिया थमि माग राणा .

 

 दे हिम्मथ पंधड़ो कर्यां मां मंज़िलदाढी दूर आ

मंज़िलदाढी दूर आ – सिक कयो मजबूर आ

1. पंधि त तुहींजो आहे औखो वाट ते वेरी घणा ,

साणि सतगुर जे तूं हूंदें दुख न मूंखे सूर आ………………………………

2. राह तुहींजीअ जी नाहे खबर साईं मिलिणो तोसां ज़रूर आ

मूं भुलियल खे राह देखारींदें इहो तुहींजो दस्तूर आ ……………………….

3. महेमा तुहींजीअ खे बुधी साईं दिल में मुहींजे लगी लगन,

तो सवाए हिन सारी दुनिया में ब्यो सभई मिड़ई कूड़ आ ……………..

4. आश  त मुहींजे दिल जी साईं पूरी  कंदो परमात्मा,

सतगुर मिलंदें या न मिलंदे आश त दिल में ज़रूर आ …………………

 सतगुर अहेड़े रंग में रंगजाएं सुधबुध  (सबकुछ) भुलिजीवञां

1. रंग लाहूती लाल रंगजाएं बे रंग में ना रंगां ………..

2. कामिल अहेड़ो कार्य कराएजहें जिअं मां तोखे वणां ……………..

3. नाम अवांजो सदा सुखकारी हर हर पई मां गिनां ………………..

4. वचन अवांजा माणिक मोती सत सत करे पई मञां ……………..

5. दासीअ जो आहे अर्जु इहोई भोग विष्यनि में व वञां ……………..

 पोख पहेंजीअ ते पुखितो रहिजएं मतां खाई वञई झाड़ ओ पेहे वारा

1. झंग जी झिरिकी संग ते सुरिकी – कांउं कबर चैधार ओ पेहे वारा ………………

2. मिटीअ जो पुनिड़ो ठाहिजि गोड़ो – हणि चौतरफ चौधार ………………………

3. लालउं लाल लतीफि चवे  – ढल वठंदए सरकार ………………………………..

 

सतगुर पहेंजे प्यार में मूंखे तो त कयो दीवानो ,

तो त कयो दीवानो मुहींजो मनड़ो थियो मस्तानो

1. प्रोम जो अहेड़ो प्यालो पियारियए भुलिजी वियो आ ज़मानो,

नेणनि में चढी नाम खुमारी बणिजी व्यसि बेगानो……………….

2. इश्क जी अहेड़ी आग लगायए पचे जीअं परवानो

दर्द जो अहेड़ो दारूं दिनो तो कहेड़ो लिखां अफसानो ………….

3. तो दर पांध गिचीअ गलि पाए नारायण आयो निमाणो

                                    शंकर खे पहेंजे गंज मां दींदें राम नाम जो खज़ानो ……..

जुगि जुगि जीवें बाबल साईं वेड़ा तुहींजा वसनि सदाईं

हीणनि जो तूं हामी आहीं ऐं सखावत जो साईं

1. तुहींजे दर ते आयो जो स्वाली – कीन वयो सो हरगिज़ खाली

मुल्क सजे जो मालिक साईं बिगड़ी सब जी पियो थो बणाईं

सुहिणा दिलावर अहेड़ो आहीं पल में वरियनि जा लहिज़ा लाहीं……………..

2. तो बिन नाहे वसीलो साईं तुं ही मुहींजो हीलो आहीं

कीनं छदींदें सुहिणल साईं आहे सहारो मूंखे तुहींजो साईं

भायां न सुहिणां को तुहींजो सानी कर सजण मुश्किल आसानी ……………..

3. सूरत तुहींजी आ सुब्हानी नूर तुहींजो आहे नूरानी

                                    संगत जी सुहिणां आश इहाई कायम हुजीं शल कयामत ताईं

जेसीं आहिनि सिज चंढ तारा हिकु रहे तुहींजो नालो साईं …………………….

मुर्शिद आयो आ दराज़ी शाहु आयो आ दराज़ी शाहु

आयो आ सुहिणो साईं आयो आ (सखी साईं,निमाणल साईं)

1. कुर्ब मां कामिल कदम भरे बच्चनि पहेंजनि ते रहेम करे

अदीननि जो आधार आयो आ ………………………………

2. सिक संदनि आहे सीने में समाई रोज़ कर्यां पई माही माही

महेराउं पहेंजे अजु सुहिणो आयो आ ………………………….

3. लिंव लिंव में आहे संदनि लोरी दम दम में आहे तिन जी झोरी

निमाणो पाण पसाएण आयो आ ………………………………

4. संगत सजीअ खे आहिनि वाधायूं सजण कयूं अजि लायूं सजायूं

निमाणो नींहु निभाएण आयो आ………………………………..

  सतगुर भगवान मुहींजो बणी आयो (महींजो धणी आयो , देह धारे आयो)

1. मन खे मारण सागर तारण , सतसंग बेड़ीअ चढी आयो ……………………….

2. सबुर शील संतोष निम्रता , इहे सौदा खणी आयो ……………………………..

3. अन्हद नाद सुरंदा वजाया , इहे सुरड़ा सुणी आयो ……………………………..

4. जहें लाए राधा जन्म फिर्यासीं , सो साईं दिल खे वणी आयो ………………….

  सूरत जा सिंगार भली करें आएं

1. वाएदा पहेंजा सभेई पाडया सुहिणे यार सचार ……………………….

2. अंगण असांजे पेर घुमाया, महेर मंझउं नमठार……………………….

3. पाणउं जाणी पहेंजे पाजीअ जो घूर कयव गमख्वार ……………………..

4. आची अचानक सार लदाईं जानिब जीअ जीआर …………………………..

5. बेदल अस्लउं आहे विकाणल  दर तुहींजे दिलदार ………………………

माही मुहींजो अरब वारो साहेब सूफी थी आयो

ज़ात में ज़ात रलाएण लाए सूरत इन्सान थी आयो

1. फिरंदो टिड़ंदो जोगी थी राज़ दसण लाए मुख्फी ,

जाम पिआरण लाए कही रांजू तख्त हज़ारी आयो ……………………..

2. खाकी चोलो पाए देरो दराज़नि में लाए ,

रूहड़ो मुहींजो रीजाए पोश फकीरीअ जो पायो …………………………..

3. इश्क पैदा थियुसि जदहें बानप जो वेस पाताईं तदहें

दीदार पसाए कदहें कदहें घूर मंजां दिल खे घायो…………………

4. सजण सिंध दे कदम वधायुव मुअल दिलियूं जीआरण आयो,

बख्त मुहींजो खुलियो सब मतलब सिध्द करण आयो ………………..

5. निमाणा तूं कर कुर्बान घोर हीउ सिर एं जान ,

तोखे दियण लाए ज्ञान सखी सुलतान थी आयो ……………………..

ओड़ी जेदियूं दियो मूंखे मुबारक मुहींजे घर आयो सखी

कयो कुर्बि मिठे मनठार मुहींजे घर आयो सखी

1. जहें जे कारण मूं थे पांधी पुछाया , जहेंजे अचण लाए मूं थे दींहड़ा वाजाया

सोई आयो असांजो धणी मुहींजो सरदार सखी ………………………

2. सुहिणो सजणु अजि थियो आहे राज़ी विखड़ी वधाए आयो सुहिणो दराज़ी,

आयो चर घुआएण सखी मुहींजो मनठार सखी ……………………

3. आयो दुलहु दराज़ी लथड़ी हैरानी गुल्शन बहार्यो मुहींजो गुम थियो वीरानी

आयो अर्ज अघाएण धणी महींजो सरदार सखी …………………..

4. पोशाक सादी पर शान निरालो अखिड़यूं सजण जूं जणि मईअ जो प्यालो ,

आयो जाम पिआरण सखी मुहींजो सरदार सखी ………………………

5. जल्वो सजण मुहींजे जो आहे न्यारो हुस्न अहेड़े सामूं सिजु चंढु भी कारो,

आयो नूरानी नूर धणी मुहींजे घर आयो सखी …………………………..

6. सानी सखा में जहें जो कोई न आहे नंग संगत जो अहेड़े साजन ते आहे

आयो भाल भलाएण सखी मुहींजो सरदार सखी ……………………………

मोटि मिठा मनठार , तोलाए मुहींजी दिलड़ी दीवानी

(दिलड़ी थी दाहें)

1. ओट अजो आधार तुं मुहींजो नंग सुञाणिजि यार ……………………………..

2. हिन त वेचारीअ वेहु न विसारे हीणनि जा हमराह …………………………

3. दर्दवंदनि जे दिल जो हाल जाणीं थो मौला यार …………………………….

4. जहेड़ी तहेड़ी तुहींजे पनारे तूं लहु सिगोई सार ………………………………

5. बख्श मिठा तूं मुहींजूं मदायूं ऐब कमीणींअ में हज़ार …………………………

6. दर त निमाणीअ तुहींजो जलियो आ तुं दे निधर आधार ………………………..

 दम सां सतगुर जे शब्द जी तूं दिल में दूंहीं दुखाए

1. दिलबर जे दर्द जी तूं दिल में दूंही दुखाए…………………………………

2. कदम पोएते न विझ तूं विखड़ी अगिते वधाए……………………………

3. माठि करे मतां वेहीं तूं जीअ में जुखि जुखाए…………………………….

4. सिक सजण जे पार जी सीने मंझ समाए…………………………………

5. संग सियापा सब छदे खुदीअ खे त मिटाए……………………………..

6. जीअरे पाण फना करे लिंव लालण सां लगाए……………………………

7. पहेंजे मंदर में पेही इसरार मंजउं पाए………………………………………

8. निमाणा मुशाहिदो माणणि चाहीं मन महेबूब सां मिलाए……………………….

पार पिरीं पहुचाईंदो अथमि उम्मेद मूंखे साईंअ मिलण जी

1. दुनिया जो सागर नाम जी बेड़ी पाण मलाहु थी हलाईंदो………………………

2. नाहे पैसो नाहे पर्चो उते त पाण छदाईंदो……………………………………..

3. कचो दिलो एं जोश दरिया जो कुननि खा कंत बचाईंदो……………………..

4. जीवत जहें खे ओट साईंअ जी तहेंख केर सताईंदो ……………………….

मूंखे न विसार ओ ढोलिया आउं त तुहींजड़ी आयां

1. नाउं साईंअ जे असां निमाणनि दे ,खणी तूं नेण निहार…………………………..

2. पिरीं वड़हउं पाहींजे ,गदि गरीब गुज़ार ……………………………………………

3. कयव असां सां यार पियारल, पाहेंजा वाएदा पाड़ ……………………………….

4. अंगण असांजे सिगो की ईंदें , वाली सो कहेड़ीअ वार ……………………………..

5. दर तुहींजे जो दिलबर साईं सचू सो सेग संभार …………………………………

 गाल्यूं गुण तुहींजा यार सजण मूंखे रोज़ रूआरिनि था

1. सिर ते सोज़ फिराक जा भारी चाड़ियए भार सजण – एदा नेण निहारिनि था ……

2. मुहींजो अंदर अदु कयव जानिब तुहींजे जार सजण , मूंखे माणा तुहींजा मारिनि था

3. पिरीं पाड़िजि पाहेंजा जे कयल कौल करार सजण , मुहींजो जीउ जीआरिनि था …

4. माणूं शहेर भंभोर जा महेणां लख हज़ार सजण , मूंखे देखूं देखारिनि था ……….

5. कासिद चवनि केच जा तो उते सार संभार सजण , तोखे सचू पाण संभरिनि था ..

 कुर्ब निमाणल तुहींजा मूंते , से मां कीअं थी विसार्यां

  1. हर मुश्किल आसान कयो तो , तहेंखे कीअं मां भुलायां …………………………

  2. मरंदे मरंदसि कीन छदींदसि , असिलउं (अखिर) त तुहींजड़ी आयां………….

  3. कीन छदियो थई कीन छदींदें, आश उमेद न लायां……………………………

  4. संगत जो आहे अर्जु अला खे , तोसां तोड़ निभायां ……………………………

 

तोसां नातो अथमि अज़ली, तूं त हली आउ मिठड़ा दराज़ धणी

 

1. हिन त बिरिह अवांजे , विधि आहे दरनि में दकिणी ………………………….

2. अची दे को आसिरो मनठार मञि खणी ………………………………………

3. न था वणनि सुख संसार जा न को अन्न ऐं पाणी ……………………………

4. पहेंजे शहेन्शाहीअ खे दिसी कर का महेर घणी …………………………….

5. अची दे का दुखीअ खे , दर्शन जी त कणी …………………………………

6. सीने अंदर निमाणे जे सिक संदए सामाणी …………………………………..

 

  अवीं पाण पहेंजा आहियो नंग निभाएण वारा

1. हीअ निमाणी ऐबनि हाणी हथु मथउं न लाहियो , नेणें वहाइनि नारा …………….

2. आश्कि संदए आहिनि उदासी , चाह मंजउं से चाहियो, विरिह कया वेचारा …….

3. मेलाए जो मुश्ताकनि सां ठाहु को सेघड़ो ठाहियो , मरिता करनि नज़ारा ……….

4. असुल लाकूं आहिनि आवां ते , पाण पिरीं परचाइयो , कम सचूअ जा सारा ……..

मां कींअं पुनलि पर्चायां (रीझायां) , मां बिलकुल बुछिड़ी आयां

1. गिचीअ पाए कपड़ो , बदियूं बख्शायां ………………………………

2. मुहिब जे मिलण लाए , पल पल पई वाझायां ………………………

3. सुहिणा साजन दर्शन दे , सिक मां रोज़ बादायां ……………………

4. निमाणा अलह जे रहेमत मां, आश उमेंद न लायां …………………..

जेके वेसाह जो वणिजि कंदियूं रीझाए रांजनि से लहंदियूं

1. माणि विञाए जे नेस्त थींदियूं प्रितम खे से पाईंदियूं ………………………

2. दुख दाजि करे जे दोरींदियूं  सुख सां पुर प्यालो पीअंदियूं …………………

3. सिक सिदिक जे रखंदियूं  मिलि मुहिब सां मौज माणींदियूं ……………….

4. निमाणा अलह में जे हिकु थींदियूं दोज़ख जी बाहि खां से बचंदियूं ………..

 

  कीअं ड़ी सरतियूं मां सुख सुमां मूंखे सूर सजण जो सारे

1. हए हए अखिड़िनि जे नाज़ सां मारे वेचारीअ खे वियो ………………………..

2. मूंखे न बी का गाल वणे हीअ गणिति पई थी गारे …………………………….

3. रांजनि ईंदो मूं घर पेही वरुक़ु विछोड़े जो वारे ………………………………..

4. लख लख शुकराना निमाणो करे जहेंजो बख्त थींदो बाला ………………………

तोसां मुहींजी सुहिणां साईं रहेजी अचे शल

1. आउं छा जाणां इश्क मंजारूं बिरिह वालड़ा भार………………………….

2. तरफ न बे कहें ख्याल रंभायां तुहींजी सदाईं तार ………………………..

3. हूंदें हमेशां गदि असां सां नेणें वहायमि नार …………………

4. बाहं सचल जी सुहिणां साईं परिति अथव सरदार ………………………….

 जोगीअड़नि जे ज़ात तां आउं कोरे थियां कुर्बान

कोरे थियां कुर्बान अला जिंद जान कर्यां कुर्बान अला

1. काकियूं कापिरिनि जूं , दाढो आहे मूं अरमान अला ………………………….

2. आयलि अवदूतनि जो आहे गंगा में गुज़रान अला ……………………………

3. नांगनि संदी गालड़ी  हित पूरब में परवान अला …………………………..

4. सचू साथ निहारीं छो थो  बई हंद तूं महेमान अला ……………………….

 

होत अची हथि दींदा जेदियूं मूं हिन निमाणीअ खे

1. पिरीं वड़हऊं पांहींजे  छपर तां न छदींदा ……………………………..

2. दिसंदा अखिड़ीनि सां नालि निमाणनि नींदा …………………………….

3. पाणऊं पासे न करे गोली साणि गदींदा …………………………………

4. पांधिनि पचारूं कयूं आर्याणीं अजि ईंदा…………………………………..

5. अंगण आसरवंद जे पखा पाण अदींदा……………………………………..

6. केचनि संदो काफिलो लोदो था न लदींदा……………………………….

7. साजन संगत पांहींजी सचू शाल सदींदा …………………………………

अथमि आसिरो ही छिनियो ना छदींदा गोली जेही तेही साईं गदियो नालि नींदा

1. सतारें गफारें पिरीं श्याम आहे अची शल जदीअ सां सतर पोश थींदा ……………

2. अखिनि लाथी फर फर लिवें कांग प्यारो  पिरीं जाण आया अचण सां अदींदा ….

3. सुखाऊं पई भास्यां रुठा मारूं पर्चनि  कंदो रब सवली पेही पाण ईंदा ……………

4. रूआं रोज़ राड़यूं अघे शल आज़ी मारूं शल न मुंहड़ो मुंह न मटींदा ………………

5. जारी जिन जो मैखान शुबूअ रोज़ कोजी जीअनि सेई साकी प्रेम जाम दींदा …..

वञी दे तूं कांगल निमाणीअ जो न्यापो ,

सजण बिन आ मुश्किल जदीअ जो जीयापो

1. हिते मां मरां थी हुते सार काने , जिगिर फाड़े दिजि तूं दुखीअ जो दोरापो ……….

2. जदीअ साणि जीअरे अची होत मिलि तूं , मरण बैद सुहिणां साईं कहेड़ो आ मेलापो

3. कयल कौल पहेंजा कदहें तूं पाड़ींदें , लंगे वई जवानी अची व्यो बुढापो ………….

4. प्रितउं जा पालियए दुखनि में सा दाढी, वञी सुख सुमें तूं लाहे लंगु लागापो………

5. सजण मुहींजो सुहिणो मां कोझी सजण जी , हुजत भी न काई नको संग स्योपो ..

हलि काहे हिते छाहे छाहे , पेचि पुनलि वियोपाए पाए

1. दींदसि बाहे भंभोर खे अला ,लागापा सब लाहे …………………

2. थरनि ऐं भरनि में मुहींजो अजो आर्याणी आहे …………………..

3. कहंदसि केच पुनल दे लिंव बारोचो व्यो लाए ……………………

4. बानी बारोचल जी संगिड़ो कहेड़ो साहे …………………………..

5. सरतियूं शाहु लतीफ चवे हुजत होत सां नाहे ……………………

आउ बारोचल अचि भला पुनल जाम परिचि भला मोटि

विछोड़ो थो मारे

1. आउ त परिचऊं पाण में गाल्यूं गणियउं गचि , सूर अंदर जा सारे ………………….

2. कौलनि कूड़ी आहियां साईं कंदो सचि , प्यसि जहें जे पनारे …………………..

3. पहण पथिरड़ियूं दुखियूं , खंयमि कोन खर्च  , समर खणंदसि सारे ……………

4. सरतियूं शाहु लतीफ चवे, मन मुहींजे में मचि , वियो त बारोचो बारे ……………

 

सतगुर तुहींजीअ महेर सां सुका वण सावा थिया

1. हिम्मथ हादीअ जी दिसी, दहेल्जी देव भगा व्या …………………

2. नज़र जे अक्सीर सां ना बीना-बीना थिया …………………………

3. आब हयात बिरिह सां मुड्दा लख जीअरा थिया ……………………

4. अहेमद अली अहेकुर चवे , सभेई वड़ मूंसां  थिया …………………..

  मुहींजी ज़ारी सुहिणा साईं तो साणि

1. मालूम तोखे गालि असांजी, साईं सजण तो सारी सारी ……………….

2. हीअ त हीणीं वाह वहीणी बिरिहु अवांजो भारी भारी ………………………..

3. दोस्त हीएं में यार रमायो घोट न विझि जहें घारी घारी ………………….

4. असुल लाकूं आहे अवां सां , सजण असांजी यारी यारी ……………………..

5. तरिफां तुहींजे यार सचूअ खे आहे गिचीअ में गारी गारी ………………………

 हलां पुनल तो साणि , साणि हली तुहींजी गोली थी गुज़ारींदसि

1. छुली पिअड़सि छपिरें , संग धणी तो साणि …………………………….

2. कोझी कारी मां आयां अवांजी, पुनल पाण सुञाणि ……………………..

3. तोरे तोरींदमि केतरो , मुहिबत वारो माणि ……………………………..

4. तोड़ि निभाहिजि तूं धणी, सुहिणां सचल तूं साणि …………………..

 इश्क जो रंग अजु आहे मूंखे साईंअ लगायो,

साईंअ लगायो मुहींजे रूह खे रीझायो

1. दराज़ी दिल्बर पोशाक सब्ज़ पाए, वीरान वेड़ो मुहींजो वसाए, अजु अचानक आयो

2. शाहु सखी आहे नूर इलाही , ताजु तख्त काएमि सदा शहेन्शाही , अर्श मां उलही आयो

3. गुलनि बतिन जी जिर मिर लगी आहे बहारी , हू-हू जी पई अचे हुब्कारी घूर सां अची घायो ..

4. लगी वाह आहे दाढी मौज मुहिबत, निमाणे जी आहे इहा सब रहेमत , पाण पसाएण आयो …

5. वेड़ा सखीअ जा वसनि सदाईं , कयामत जे शल दींह ताईं , नींहु निभाएण आयो ..

6. सखीअ जे दर ते आयां स्वाली , कीन छदींदो हरगिज़ खाली, निमाणे खे वाधायुनि वरायो

 सखी तुहींजे दामन में मुहींजो हथु आहे, तुहींजे आला दरगाह में कमि कान आहे

 

1. उम्मेदूं अंदर जूं सभई थो पुजाईं , कामिल मड़िद आहीं तुहींजे मटि बियो नाहे ……

2. पूरियल दर थो पटीं सुका थो सावा करीं तहेंखे फैज़ रसाईं जिन्खे साबित सिदुक आहे ……

3. दुख्यनि अंदर जी तूं ई दांहं उनाईं , गरीबनि यतीमनि खे भरोसो तुहींजो आहे …..

4. निमाणो गुण गाए तुहींजा थोरा मनाए, रात दींहुं तन में तुहींजी ताति आहे …….

न लहेणो न लेखो उधारो गुरां थी सजण समझी

तोखां सहारो गुरां थी

1. दिसी बेवसीलो छदे व्या वसीला हल्यो कोन हीलो हलायमि हीला

करे माठि वेठी दिसां तुहींजी लीला, चले कोन चाढो-चाढो गुरां थी …………………..

2. लिगंनि में न ल्याकत नका तन में ताकत , नका आहे मूड़ी नका आहे आवक

वरी दुख कढ़ी व्या कलेजे मां ताकत, सहारे बिनां मां सहारो गुरां थी ………………..

3. दुनियां जे दरिया में न तुरहो न तारू, करे थकी आयां मां हज़ारें पुकारूं

नकी टोणा फीणां फर्क कनि था फारूं, गुज़ारे बिनां मां गुज़ारो गुरां थी ………………

4. मरण खां ढिजां थी न जीअणि थी चायां, नका वदी देलरी मां थियणि थी चायां

कुननि में आ कश्ती किनारो गुरां थी …………..

5. हयाती सजी पहेंजे घर में गुज़ार्यमि सजण समझी पहेलाज तोखे सतायमि

ख्वाहिश आ नज़र जो नज़ारो घुरां थी ………………………………………………

 तुहींजे गंज में आ कमी कान काई तुहींजो दर सखा जो

खुलियलि आ सदाईं

1. करीं शाह प्यादा दीं प्यादनि खे शाही, जेका तुहींजीर् मज़ी थींदी नेठ साई ………

2. तुहींजे दर तां स्वाली वञे कीन खाली, जहेड़ी आश जहेंजी तहेड़ी थो पुजाईं ……….

3. वेचारा विरिह मे सडया सव सिकनि में, तिनीं जे अंदर में तोई लिंव लगाई ………

4. अलण आहे ज़ारी करीं छो हिजिर में जदनि जो ज्यापो जानिब आहे जाई ………..